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माता पिता भले ही अनपढ़ क्यों ना हो
लेकिन शिक्षा और संस्कार
देने की जो क्षमता उनमें है
वो दुनिया के किसी स्कूल में नही है
जीवन मे दुखद बात यह है कि
हम बड़े तो आसानी से हो जाते है
लेकिन समझदार ठोकरों से होते है
कामयाबी का इंतज़ार करने से अच्छा है
कि उसके लिए कोशिश की जाएं
कोशिश कर इतनी कि
कोई रास्ते मे न आये
मेहनत कर इतनी
कि वो रास्ते मे आये
वो टूट कर बिखर जाए
ज्यादा ख्वाहिशें नही
बस ज़िन्दगी का अगला लम्हा
पिछले से बेहतरीन हो
लेकिन शिक्षा और संस्कार
देने की जो क्षमता उनमें है
वो दुनिया के किसी स्कूल में नही है
जीवन मे दुखद बात यह है कि
हम बड़े तो आसानी से हो जाते है
लेकिन समझदार ठोकरों से होते है
कामयाबी का इंतज़ार करने से अच्छा है
कि उसके लिए कोशिश की जाएं
कोशिश कर इतनी कि
कोई रास्ते मे न आये
मेहनत कर इतनी
कि वो रास्ते मे आये
वो टूट कर बिखर जाए
ज्यादा ख्वाहिशें नही
बस ज़िन्दगी का अगला लम्हा
पिछले से बेहतरीन हो
